Posted by: Rajesh Shukla | November 7, 2012

मीडिया उद्योग और राजनेताओ को अमेरीकी चुनाव के सबक


मीडिया उद्योग और भारत के राष्ट्रीय दलो के पक्ष प्रतिपक्ष तथा विपक्ष के नेता अमेरीकी चुनाव से बडा सबक लड सकते हैं। अमेरीकी चुनाव अब तक का सबसे अजीबो गरीब चुनाव रहा जिसमें बाराक ओबामा ने महज 1% वोटों से जीत हासिल की है अर्थात ओबामा को 5,51,50,299 वोट मिले हैं और रोमनी को 5,40,25, 359 मिले है। यह अभी भी ज्ञात नहीं कि यह निर्णायक जनसंख्या किसकी थी। यह माना जा रहा है कि डेमोक्रेट्स ने बहुत ओरगेनाईज्ड कैम्पेन किया था। उन्होने सोशल मीडिया को कमोवेश एक युद्ध क्षेत्र मे बदल दिया था। सोशल मीडिया ने निःसन्देह अमेरीकी चुनाव में एक निर्णायक भूमिका निभाई है। एमआईटी द्वारा करवाये गये रिसर्च में यह बात साफ हो गया है कि ट्वीटर पर जो कुछ टेंडिग मुद्दा रहा है वह कमोवेश 95% तक सही रहा है।

चुनाव विश्लेषको नें बाराक ओबामा और मिट रोमने द्वारा किये ट्वीट और चुनाव पर हुई ऑनलाईन बहसों पर जब रिसर्च किया तो पता चला कि टेंडिंग मुद्दे ट्वीटर वाल से भी पांच प्रतिशत खरे है तथा  भविष्यवाणी के लिये सबसे उपयुक्त। गौरतलब है कि टेंडिंग टापिक भले ही ट्वीटर द्वारा प्रयोग किया जाता है लेकिन यह डिजिटल मीडिया द्वारा प्रयोग किया जाने वाला एक अलग अप्लिकेशन प्लेटफार्म है । टेंडिंग टॉपिक वास्तव में ट्वीटर पर हो रही बहसों या किसी विशेष खबर या मुद्दा से ही बनता है। यह एक तरह का वेब क्रियेशन है, पहले इसकी वेब छिटपुट ट्वीट और उत्तर से शुरू होती है लेकिन धीरे धीरे यह एक बडी सुनामी का रूप अख्तियार कर लेती है और पुरे ट्वीटर को ही अपनी गिरफ्त मे ले लेती है। जनता की इन्टरेक्टिविटी का यह एक अनूठा उदाहरण है।

बाराक ओबामा का सोशल मीडिया कैम्पेन बहुत सफल हो सका इसकी एक बडी वजह टेंडिंग टॉपिक्स भी है। ओबामा के कार्यकर्ताओं ने उस तरह के टाँपिक्स उठाये जिससे मिट रोमने को घेरा जा सके और डेमोक्रेट समर्थको ने उसे ट्वीटर वाल से लेकर सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्मो पर बिखेर दिया। ओबामा के समर्थकों ने ज्यादा क्रियेटिव तथा इन्गेजिंग ट्विटिंग की तथा ज्यादा लिटरेट ठंग से की -उनकी विडियों तथा इमेजेस से लेकर खबरो और ब्लाग स्टोरीज तक की ट्वीटर पोस्टिंग नें अपना काम बखूबी  किया। एक शब्द में कहें तो उन्होने एक प्रभावान्विति को निर्मित कर सकने मे सफलता अर्जित की है।

ट्वीटर की भविष्यवाणी की क्षमता का अनुमान इस उनके ट्वीट से लगाया जा सकता है। कमोवेश 11:15 पीएम भारतीय समय पर  बाराक ओबामा ने अपनी जीत की घोषणा इन शब्दों मे कर दी थी “”This happened because of you. Thank you,” Obama tweeted.॰ थोडी देर पहले उन्होने ट्वीट किया था कि “हम इसमे साथ साथ है। कि हम वही है जैसा कैम्पेन किया। बो।”

यह माना जा रहा है कि ट्वीटर ने लोगो को कैम्पेन मे भागीदार बनाया और उन्हे करीब लाने मे सहयोगी रहा है। राष्ट्रपति चुनाव से सम्बन्धित कमोवेश 31 मिलियन ट्वीट ट्वीटर ने रिकार्ड किया है। ट्वीटर के  अधिकारी होरविज  ने कहा कि ट्वीटर ने ट्वीट के सारे रिकार्ड तोड दिये है। अकेले 3 अक्टूबर को 10 मिलियन ट्वीट किये गये थे। हारविज ने ट्वीट किया था ‘”From breaking news, to sharing the experience of watching the debates, to interacting directly with the candidates, Twitter became a kind of nationwide caucus.” एक ऐसा भी क्षण रहा है जब  327,000 ट्वीट्स एक मिनट में किये गये। यह ट्वीटर मशीन का इलेक्शन इफेक्ट था।  जिसे उन्माद कहते हैं, उसके क्षण मिनटो नही रहे बल्कि पूरी रात बने रहे। ओबामा की सफलता इस उन्माद को बनाने में रही-वाचालता भी उनमें बहुत है इसलिये वे इस काम को मिट रोमने से बेहतर कर सके। ट्वीटर वाल पर माहौल बनाने के लिये न केवल सूचनाओं का भण्डार चाहिये बल्कि भाषा और सम्वेदना के स्तर पर भी खेल खेलने की योग्यता चाहिये। ओबामा मे यह योग्यता है और उनके  समर्थको में भी यह योग्यता थी।

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